प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 1 जुलाई, 2015 को शुरू की गई डिजिटल इंडिया पहल ने 11 साल पूरे कर लिए हैं, जो देश की डिजिटल परिवर्तन की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस पहल का शासन और नागरिकों के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा है, जिसमें यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) इस परिवर्तन की आधारशिला के रूप में उभरा है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यूपीआई ने अपनी स्केलेबिलिटी, समावेशिता और नवाचार के लिए वैश्विक पहचान हासिल की है। हाल ही में, ग्रीस यूपीआई सेवाओं को अपनाने वाला 10वां राष्ट्र बन गया, जो दुनिया भर में इस इंटरफेस की बढ़ती लोकप्रियता को रेखांकित करता है। ग्रीस द्वारा यूपीआई को अपनाया जाना सीमा पार निर्बाध लेनदेन को सुविधाजनक बनाने की इंटरफेस की क्षमता का प्रमाण है।
मुख्य तथ्य
- डिजिटल इंडिया पहल ने 1 जुलाई, 2026 को 11 साल पूरे किए
- ग्रीस यूपीआई सेवाओं को अपनाने वाला 10वां राष्ट्र बना
- वित्त वर्ष 2025-26 में यूपीआई का वार्षिक लेनदेन वॉल्यूम 24,162 करोड़ से अधिक लेनदेन तक पहुंच गया
- वित्त वर्ष 2025-26 में लेनदेन मूल्य तेजी से बढ़कर लगभग ₹314 लाख करोड़ हो गया
- वित्त वर्ष 2016-17 से यूपीआई का वार्षिक लेनदेन वॉल्यूम लगभग 12,000 गुना बढ़ा
यूपीआई की वृद्धि अभूतपूर्व रही है, वित्त वर्ष 2025-26 में इसका वार्षिक लेनदेन वॉल्यूम 24,162 करोड़ से अधिक लेनदेन तक पहुंच गया है। यह वित्त वर्ष 2016-17 से लगभग 12,000 गुना वृद्धि को दर्शाता है, जब लेनदेन वॉल्यूम अपेक्षाकृत कम था। लेनदेन मूल्य भी तेजी से बढ़ा है, जो वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग ₹314 लाख करोड़ तक पहुंच गया है, जो वित्त वर्ष 2016-17 से 4,000 गुना से अधिक की वृद्धि है।
यूपीआई की सफलता की कहानी
यूपीआई की सफलता का श्रेय इसकी सरलता, सुविधा और सुरक्षा को दिया जा सकता है। इस इंटरफेस ने व्यक्तियों के लिए अपने मोबाइल फोन का उपयोग करके तुरंत लेनदेन करना संभव बना दिया है। इसने लोगों के भुगतान करने के तरीके में क्रांति ला दी है, नकदी की आवश्यकता को समाप्त कर दिया है और लेनदेन के जोखिम को कम कर दिया है।
आंकड़ों के अनुसार
पीआईबी के अनुसार, यूपीआई की वृद्धि डिजिटलीकरण और वित्तीय समावेशन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। इस इंटरफेस ने लोगों के लिए दूरस्थ रूप से बैंकिंग सेवाओं तक पहुंचना संभव बना दिया है, जिससे भौतिक शाखाओं की आवश्यकता कम हो गई है और वित्तीय साक्षरता बढ़ी है।
वैश्विक पहचान
ग्रीस द्वारा यूपीआई को अपनाया जाना एक महत्वपूर्ण विकास है, क्योंकि यह दुनिया भर में इस इंटरफेस की बढ़ती लोकप्रियता को रेखांकित करता है।
