अजिंक्य रहाणे, पूर्व भारतीय टेस्ट कप्तान, ने सभी प्रारूपों के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की आधिकारिक घोषणा की, जिससे उनके 13 साल के गौरवशाली करियर का अंत हो गया। यह खबर 30 जुलाई, 2026 को सार्वजनिक की गई, जब रहाणे ने 38 साल की उम्र में अपने जूते लटकाने का फैसला किया।
रहाणे के करियर में कई यादगार पल हैं, जिनमें से सबसे महत्वपूर्ण उनकी कप्तानी थी जब भारत ने 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक जीत हासिल की थी। यह श्रृंखला क्रिकेट प्रशंसकों की स्मृति में आने वाली पीढ़ियों के लिए उत्कीर्ण होगी, क्योंकि रहाणे के नेतृत्व में भारत ने सभी बाधाओं के खिलाफ एक अद्भुत जीत हासिल की थी।
मुख्य तथ्य
- अजिंक्य रहाणे ने भारत के लिए 85 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 5,077 रन बनाए और 12 शतक लगाए, जिसमें 38.46 की औसत थी।
- उन्होंने भारत के लिए 90 एकदिवसीय मैच खेले, जिसमें 2,962 रन बनाए और 3 शतक लगाए।
- रहाणे ने 20 टी20 मैच भी खेले, जिसमें 375 रन बनाए।
- उन्होंने भारत को 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक जीत दिलाने के लिए कप्तानी की।
- रहाणे ने कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ अपने आईपीएल करियर को समाप्त किया।
रहाणे के संन्यास के साथ, भारतीय क्रिकेट के एक युग का अंत हो गया है, क्योंकि वह विराट कोहली, रोहित शर्मा और शिखर धवन जैसे खिलाड़ियों की एक स्वर्णिम पीढ़ी का हिस्सा थे। उनके योगदान, चाहे वह खिलाड़ी के रूप में हो या कप्तान के रूप में, विशाल रहे हैं, और उन्हें भारत के लिए खेलने वाले सबसे महान बल्लेबाजों में से एक के रूप में याद किया जाएगा।
अजिंक्य रहाणे का करियर
अजिंक्य रहाणे ने 2013 में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की और जल्द ही खुद को एक प्रतिभाशाली बल्लेबाज के रूप में स्थापित किया। उन्होंने 2013 में अपना पहला टेस्ट शतक बनाया और अपने टेस्ट करियर में 12 शतक बनाए। रहाणे का एकदिवसीय करियर भी प्रभावशाली था, जिसमें उन्होंने 3 शतक बनाए और भारत को कई मैच जिताने में मदद की।
रहाणे के संन्यास के परिणाम
आंकड़ों के द्वारा
रहाणे के संन्यास के परिणामस्वरूप भारतीय क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण परिणाम होंगे, क्योंकि टीम को उनकी जगह लेने के लिए एक नए बल्लेबाज की तलाश करनी होगी। भारतीय क्रिकेट टीम वर्तमान में एक संक्रमण काल से गुजर रही है, जिसमें कई अनुभवी खिलाड़ी संन्यास ले रहे हैं या अपने करियर के अंत की ओर बढ़ रहे हैं। रहाणे के संन्यास से भविष्य के लिए एक मजबूत टीम बनाने की चुनौती और बढ़ जाएगी।
रहाणे को श्रद्धांजलि
पूर्व साथी खिलाड़ी विराट कोहली ने रहाणे को श्रद्धांजलि दी, उन्हें अपना 'पसंदीदा टेस्ट बल्लेबाजी साथी' बताया। यह श्रद्धांजलि इस सम्मान और प्रशंसा का प्रमाण है जो रहाणे ने अपने साथियों से प्राप्त की है।
विराट कोहली ने कहा, "अजिंक्य मेरे पसंदीदा टेस्ट बल्लेबाजी साथी थे। उनकी बल्लेबाजी शैली और खेल के प्रति उनका समर्पण मुझे बहुत प्रभावित करता था।"

