भारतीय सरकार ने टिकाऊ ऊर्जा को बढ़ावा देने और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने के अपने प्रयासों में महत्वपूर्ण प्रगति की है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 30 जुलाई, 2026 को प्रेस सूचना कार्यालय (PIB) के माध्यम से 20% एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (E20) कार्यक्रम से जुड़ी चिंताओं का समाधान करते हुए एक विस्तृत तथ्यात्मक स्पष्टीकरण जारी किया।

पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने का लक्ष्य रखने वाला यह कार्यक्रम हाल के दिनों में चर्चा का विषय रहा है। हालांकि, आधिकारिक सरकारी आंकड़े बताते हैं कि एथेनॉल मिश्रण ने महत्वपूर्ण मील के पत्थर हासिल किए हैं। मिश्रण की दर 2013-14 में ~1.53% से बढ़कर 2020-21 में ~8.1% और 2021-22 में 10% हो गई। इसके अलावा, मिश्रण दर 2024-25 में 19.2% तक पहुंच गई और नवंबर 2025 से जून 2026 के बीच 20% के आंकड़े को छू लिया।

मुख्य तथ्य

  • 2024-25 में 19.2% एथेनॉल मिश्रण दर हासिल की गई
  • नवंबर 2025 और जून 2026 के बीच 20% मिश्रण दर हासिल की गई
  • सिस्टमिक खराबी की बिना किसी रिपोर्ट के 8 करोड़ से अधिक वाहन नियमित रूप से रिटेल आउटलेट्स पर आ रहे हैं
  • E15+ ईंधन का भारत में बिना वारंटी रिकॉल के 3.5 से अधिक वर्षों से उपयोग किया जा रहा है
  • मिश्रण दर 2013-14 में ~1.53% से बढ़कर 2020-21 में ~8.1% और 2021-22 में 10% हुई

पीआईबी की विज्ञप्ति ने उन दावों का भी खंडन किया जिनमें कहा गया था कि E20 ईंधन के उपयोग के कारण 2023 से पहले के वाहनों के इंजन को नुकसान पहुंचता है। विज्ञप्ति के अनुसार, सिस्टमिक खराबी की किसी भी रिपोर्ट के बिना 8 करोड़ से अधिक वाहन नियमित रूप से रिटेल आउटलेट्स का उपयोग कर रहे हैं। यह डेटा बताता है कि वाहन सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं निराधार हैं।

अब तक की प्रगति

E20 कार्यक्रम में हासिल की गई प्रगति टिकाऊ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। ईंधन योजक (फ्यूल एडिटिव) के रूप में एथेनॉल के उपयोग के कई लाभ हैं, जिनमें ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करना और ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देना शामिल है। मिश्रण दरों को बढ़ाने के लिए सरकार के प्रयास निरंतर रहे हैं, जिससे पिछले कुछ वर्षों में मिश्रण दर में लगातार वृद्धि हुई है।

आंकड़ों की नजर से

19.2%2024-25 में एथेनॉल मिश्रण दर
20%नवंबर 2025 और जून 2026 के बीच मिश्रण दर
8.1%2020-21 में मिश्रण दर

पीआईबी विज्ञप्ति के अनुसार, E15+ ईंधन का उपयोग सफल रहा है, और बिना किसी वारंटी रिकॉल की रिपोर्ट के 3.5 से अधिक वर्षों का उपयोग पूरा हो चुका है। यह डेटा दर्शाता है कि ईंधन योजक के रूप में एथेनॉल का उपयोग सुरक्षित और प्रभावी है।

प्रभाव और भविष्य की संभावनाएं

E20 कार्यक्रम की सफलता का भारत की ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। ईंधन योजक के रूप में एथेनॉल का उपयोग कम करने में मदद कर सकता है