जल शक्ति मंत्रालय ने पूरे शहरी भारत में 'कैच द रेन' अभियान का विस्तार करके जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जल संचयन और संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई इस पहल ने विभिन्न सरकारी विभागों और समुदाय के सदस्यों की सक्रिय भागीदारी के साथ गति पकड़ी है।
पेयजल और स्वच्छता विभाग के अनुसार, 25 जुलाई 2026 को जारी एक प्रगति रिपोर्ट में अभियान की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया है। इसका एक प्रमुख उदाहरण नांदयाल जिला है, जहां बुनियादी ढांचे में सुधार के बड़े उपाय लागू किए गए हैं, जिससे स्थानीय जल भंडारण क्षमता में काफी वृद्धि हुई है। इस सुधार से इस क्षेत्र की जल सुरक्षा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है, विशेष रूप से चरम मानसून के मौसम के दौरान।
मुख्य तथ्य
- पेयजल और स्वच्छता विभाग ने 25 जुलाई 2026 को जल संरक्षण पर एक प्रगति रिपोर्ट जारी की।
- नांदयाल जिले ने स्थानीय जल भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए प्रमुख बुनियादी ढांचे के उन्नयन को लागू किया।
- MoHUA (आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय) ने चरम मानसून सत्र से पहले शहरों को जल-सुरक्षित बनाने के लिए सैकड़ों शहरी स्थानीय निकायों में अभियान को तेज किया।
- सरकारी भवनों में वर्षा जल संचयन संरचनाओं और छत पर जल संग्रह प्रणालियों को अनिवार्य किया गया।
- सामुदायिक भागीदारी और पारंपरिक जल निकायों की जियो-टैगिंग को मुख्य प्रदर्शन मानकों के रूप में स्थापित किया गया।
आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) ने सैकड़ों शहरी स्थानीय निकायों में अभियान को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस प्रयास का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मानसून के चरम मौसम से पहले शहर जल-सुरक्षित हों, जो बाढ़ के जोखिम को प्रबंधित करने और निरंतर जल आपूर्ति बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। सामुदायिक भागीदारी पर अभियान के ध्यान ने जल संरक्षण के महत्व और इसमें व्यक्तियों की भूमिका के बारे में जागरूकता बढ़ाने में भी मदद की है।
धरातल की सच्चाई
कैच द रेन अभियान का विस्तार देश की जल चुनौतियों से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत, अपने विशाल और विविधतापूर्ण भूगोल के साथ, अद्वितीय जल प्रबंधन चुनौतियों का सामना करता है। वर्षा जल संचयन और सामुदायिक भागीदारी पर अभियान का जोर जल संरक्षण के लिए एक विकेंद्रीकृत दृष्टिकोण की आवश्यकता की पहचान है।
आंकड़ों की नज़र से
जैसे-जैसे अभियान में गति आ रही है, समुदाय के महत्व को पहचानना आवश्यक है

